

पत्रकार हूं… लेकिन आज असहाय हूं।
एक पत्रकार होने का मतलब है 24 घंटे समाज के लिए समर्पित रहना।
परिवार की ज़रूरतें, अपनों का साथ, बच्चों की मुस्कान — सब कुछ पीछे छूट जाता है, क्योंकि पत्रकारिता कोई नौकरी नहीं, एक जीवन-समर्पण है।
हम सब जानते हैं, इस पेशे में नाम बहुत होता है, लेकिन साधन बहुत सीमित।
आज मेरे अपने एक पत्रकार साथी की पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं।
कई महीने से संघर्ष कर रहे हैं, न थके, न रुके — लेकिन अब जेब भी खाली हो चुकी है और हौसला भी जवाब देने लगा है।
मैं उनका नाम नहीं लिख रहा, क्योंकि आत्मसम्मान हर किसी का होता है।
लेकिन यह लिखते हुए दिल कांप रहा है कि हम दूसरों की आवाज़ बनने वाले, आज खुद अपनी आवाज़ के लिए गुहार लगा रहे हैं।
क्या हम सब मिलकर उस साथी की उम्मीद नहीं बन सकते?
क्या हम अपनी एक छोटी मदद से उस मां को उसके बच्चों के लिए बचा नहीं सकते?
🙏 कृपया सहयोग करें — किसी पत्रकार का परिवार उजड़ने से बच सकता है।
🔸 PhonePe QR कोड:
(नीचे दिए गए QR कोड को स्कैन करें)
🟪 नाम: Sunil Kumar
🏦 बैंक खाता विवरण:
A/c No. – 61157985041
Bank – State Bank of India (SBI)
IFSC – SBIN0031339
आपकी थोड़ी सी मदद, किसी के जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकती है।
कृपया आगे बढ़कर हाथ थामिए।
शब्द से नहीं, सहयोग से किसी की दुनिया बचाई जा सकती है।


