Rajasthan Aravalli : भूपेंद्र यादव का बड़ा बयान—अरावली संरक्षित है, अवैध खनन बर्दाश्त नहीं

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जयपुर। अरावली पर्वतमाला को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट कहा है कि केंद्र सरकार अरावली के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अरावली क्षेत्र पहले से ही संरक्षित है, जहां खनन की अनुमति नहीं है।

मीडिया से खास बातचीत में भूपेंद्र यादव ने बताया कि अरावली को लेकर जिस रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया, वह तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान प्रस्तुत की गई थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय हुई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में यह स्पष्ट किया है कि यदि कहीं खनन गतिविधियां हो रही हैं, तो उसके लिए एक स्पष्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि न्यायालय की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे, केंद्र सरकार उन्हें स्वीकार करेगी और पूरी तरह पालन करेगी।

भूपेंद्र यादव ने यह भी साफ किया कि अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध माइनिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अरावली केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद अहम है। जल संरक्षण, हरित आवरण और जैव विविधता को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है।

गौरतलब है कि अरावली में खनन और पर्यावरणीय क्षति को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री का यह बयान संकेत देता है कि आने वाले समय में अरावली संरक्षण को लेकर निगरानी और सख्ती और बढ़ सकती

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